कानपुर में निवेश पर मोटे मुनाफे का झांसा देकर निर्यातक से 2.66 करोड़ की ठगी, दो आरोपी गिरफ्तार

कानपुर में निवेश पर मोटे मुनाफे का झांसा देकर निर्यातक से 2.66 करोड़ की ठगी, दो आरोपी गिरफ्तार

कानपुर। निवेश पर अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा देकर जाजमऊ के एक निर्यातक से 2.66 करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम को कई चरणों में देश के 18 राज्यों के 89 बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया। पुलिस के मुताबिक, इस पूरे नेटवर्क में 10 से अधिक अन्य लोगों की संलिप्तता भी सामने आई है।

पीड़ित मोहम्मद अहमद लारी सेफ्टी शूज और घोड़ों की जीन का निर्यात करते हैं। आरोप है कि एक महिला ने फोन पर अपना नाम अनन्या कुलकर्णी बताकर उन्हें निवेश में मोटा मुनाफा मिलने का भरोसा दिलाया। इसके लिए चार अलग-अलग मोबाइल नंबरों से उनसे संपर्क किया गया। झांसे में आने के बाद निर्यातक ने अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर कर दी।

पुलिस जांच के अनुसार, ठगी की रकम सबसे पहले महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश के तिरुपति, तेलंगाना, गुजरात के राजकोट, कोलकाता, कर्नाटक के दावणगेरे, गाजियाबाद समेत कई स्थानों की 13 फर्मों से जुड़े 18 बैंक खातों में 21 बार ट्रांसफर की गई। इसके बाद रकम को अलग-अलग खातों में भेजा गया। जांच में अब तक 18 राज्यों के 89 बैंक खातों तक पैसे पहुंचने की जानकारी सामने आई है।

साइबर टीम ने चकेरी के अहिरवां निवासी अखिल सिंह चौहान और उसके साथी सफीपुर निवासी सतेंद्र यादव उर्फ टोनी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, अखिल बीसीए पास है और उसने फर्जी फर्में बनाकर अपने तथा परिवार के सदस्यों के नाम पर 31 बैंक खाते खुलवा रखे थे। इन खातों का इस्तेमाल कथित तौर पर ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए किया जाता था।

पूछताछ में अखिल ने कथित तौर पर मुंबई के कैली और राव नाम के व्यक्तियों से जुड़े होने की जानकारी दी। उसके अनुसार, ये लोग उसे मुंबई के होटलों में बुलाते थे और खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर कराते थे।

पुलिस के मुताबिक, अखिल ने सेंट्रल बैंक में कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए सीआईबी सुविधा भी हासिल कर रखी थी। इससे खातों में रकम आने के बाद उसे एक साथ कई अन्य खातों में भेजा जा सकता था। जांच एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और पैसों के लेन-देन की कड़ियों का पता लगाने में जुटी हैं।

पुलिस के अनुसार, अखिल के खिलाफ कानपुर में तीन और अन्य स्थानों पर सात मुकदमे दर्ज हैं। मामले में 10 से अधिक अन्य आरोपियों की संलिप्तता की जांच की जा रही है।